
Braj mohan
यदि भारत को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है तो हमें अपनी प्राथमिकताएं बदलनी होगी l खेलों में प्रदर्शन तो अपने आप अच्छा हो जाएगा यदि हमने अपने प्राथमिकताएं बदली तो l हम हर प्रकार के खेल में महिलाओं की जगह पुरुषों को ज्यादा स्थान देते हैं l इसे पुरुषवादी मानसिकता के कारण महिलाओं का खेलों में जो एक उत्तम स्थान मिल सकता है वह पीछे रह जाता है l महिलाएं अपने खेलों में जो क्षमताएं दिखा सकती हैं यह क्षमता सिर्फ घर में रसोई तक सीमित रह जाती हैं l वर्तमान में चल रहे खेलों से साफ दिखाई दे जाना चाहिए था कि महिलाएं क्षमता से भरी हुई है और उन्हें भी खेलों में पूरा मौका दिया जाना चाहिए l


















