Mamata Barikaapna ahankar ka banai Hui chhabi....
Talking Mirror
ममता जी, यही तो पूरी बात एक झटके में पकड़ ली आपने। जब हम किसी को अपनी बनाई छवि से देखते हैं, तो असल में सामने वाले को नहीं, अपने ही अहंकार के प्रतिबिंब को देख रहे होते हैं, वह व्यक्ति तो बीच में कहीं गुम हो जाता है।


















