
Anuradha Walia
बच्चों को यह समझ देना जरूरी है। बच्चे यह अच्छी तरह से समझ पाए कि यह 'स्क्रीन' उन्हें 'किस दिशा' में ले जा रही है। परंतु मैंने तो ऐसे मां-बाप को देखा है। जो अपने छोटे बच्चे को खाना खिलाने के लिए 'मोबाइल' पर 'वीडियो' देखने के लिए देते हैं। फिर बच्चों को खाना खिलाते हैं। जब छोटा बच्चा कोई ज़िद करता है या मां-बाप को परेशान करता है, तो मां-बाप उससे 'पीछा छुड़ाने' के लिए उसके हाथ में 'मोबाइल' थमा देते हैं। बच्चा मोबाइल देखने में 'मग्न' हो जाता है। मैंने कई बार यह भी देखा है कि मां-बाप बच्चे से परेशान होकर उसको 'पैसे' देकर 'बाजार का खाना' खाने की भी 'आदत' लगा देते हैं। बच्चा जरा सी ज़िद करता है। मां-बाप तुरंत उसके 'हाथ में पैसा' रख देते हैं।


















