
Narendra Bisht
इस प्रकार का अनुभव मैं वर्तमान में स्वयं कर पा रहा हूँ। इस कारण भीतर जो द्वंद्व उठता है, उसे अब देख पा रहा हूँ और समझ पा रहा हूँ कि मेरा अहंकार कहाँ अपनी पुरानी मान्यताओं को बचाने की कोशिश करता है।
Post

इस प्रकार का अनुभव मैं वर्तमान में स्वयं कर पा रहा हूँ। इस कारण भीतर जो द्वंद्व उठता है, उसे अब देख पा रहा हूँ और समझ पा रहा हूँ कि मेरा अहंकार कहाँ अपनी पुरानी मान्यताओं को बचाने की कोशिश करता है।
No comments yet.