
बहुत _ बहुत बधाई और शुभकामनाएं सपना जी 🙏 मां का डर स्वाभाविक हैं, जब मैं भी अपने बेटी को L.P.U. jalandhar punjab पढ़ने भेजी तो, मेरे घर में बहुत ज्यादा ही लड़ाई झगड़ा हुआ क्योंकि मेरी एक ही बेटी है, मैं एक ही रखी हूं, इसलिए मुझे सब लोगों का बहुत सुनना पड़ा । घर का माहौल भी सही नहीं था मेरी बेटी के लिए उसके पापा का सबसे ज्यादा दबाव था 9_12 th class तक। हर पल तनाव में रहती थी और उसने अपने लिए फैसला लिया कि मैं यहां नहीं पढ़ूंगी क्योंकि C.G. में रहकर पढ़ भी नहीं पाती । मैं बेटी के लिए सब लोगों के खिलाफ जा कर फैसला ली। दीदी के बेटा और मैं बेटी को छोड़ने गई जालंधर। आज मैं बहुत खुश हूं और मेरी बेटी भी। धीरे _धीरे उसके पापा को भी समझ आ गया कि बेटी के लिए यही सही फैसला था ।


















