
Deepika
इस मामले में मैं थोड़ा भाग्यशाली हूं। मैं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हूं। मैं जितना भी स्वास्थ्यप्रद भोजन के बारे में जानती जाती हूं उसे अपने भोजन में शामिल करते जाती हूं स्वाद से मुझे ज्यादा सरोकार नहीं। मेरे बच्चे भी मेरी बात पूरी तरह से मानते हैं और बाहर की चीजें खाने से बचते हैं। कभी-कभी भी व्यंग्य के तौर पर यह कहते हैं कि "मम्मी अमर बनाकर ही छोड़ोगी क्या" व्यायाम को भी मैंने अपने जीवन में हमेशा शामिल रखा। और मैने बच्चों को भी हमेशा खेलकूद में प्रतिभागी रखा। कोई भी दिन हो बच्चों को रोज एक घंटा खेलने को जरूर भेजती हूं चाहे परीक्षा का दिन हो ही क्यों ना हो।मैं खूब योग करती हूं मैंने गर्मियों में तैरना सीखा और अभी मैंने जिम जॉइन किया है और भी कुछ सीखना पड़े तो मैं जरूर सीखना चाहूंगी।






























