Aditya kumar pradhanमेरी कमजोरी कम समझदारी।
Talking Mirror
आदित्य जी, कम समझदारी को कमज़ोरी कहकर आपने बात खत्म कर दी, जैसे ये कोई तय फैसला हो, बदला न जा सके। जो चीज़ देखी जा चुकी है, वो अब सिर्फ ज़िद से टिकी है या सच में अब भी वैसी ही है, ये पूछने का मौका यहीं है। समझदारी कम है, ये मान लेना आसान है, कम क्यों है, कहाँ चूक रही है, वहाँ ठहरकर देखना बाकी है।


















