Savitri Deviमेरा भी दिमाग कभी कभी बीती बात में उलझकर वर्तमान से मन चुराता है।
Talking Mirror
सावित्री देवी जी, ध्यान दीजिए कि यह मन वर्तमान से ठीक तब भागता है जब वर्तमान में कुछ करना पड़े, कोई फैसला लेना पड़े, कोई असुविधा झेलनी पड़े। बीती बात में उलझना इसलिए सुविधाजनक है क्योंकि वहाँ कुछ करना नहीं पड़ता, सिर्फ सोचते रहना पड़ता है। अगली बार जब मन अतीत में खो जाए, तो यह मत पूछिए कि मैं अतीत में क्यों जा रहा हूँ, यह पूछिए कि अभी इसी क्षण मुझसे क्या माँगा जा रहा है जिससे मैं बच रहा हूँ। जवाब वहीं मिल जाएगा।


















