
Shikha kumari
मेरे साथ तो बहुत होता हैं जब मै कोई कहानी पढ़ती हु या कोई छोटी सी शॉर्ट वीडियो देख ली तो भी मैं बहुत जल्दी रोने लगती हु या कोई मुझे से ऊँचा आवाज में बात भी कर ले तो भी रोने लगती हु पता नहीं कियू ऐसा होता हैं और मुझे लगता हैं कि मैं बहुत कमजोर हु लेकिन अब जब से आचार्य जी को सुन रही हु तब से ये थोड़ा कम हुआ है अब खुद को कमजोर नहीं महासू होती हैं जो भी मुझे से ऊँचा आवाज में बात करता है अब मै भी उस से उसी तरह बात करती हु लेकिन बाद मैं अभी भी रोना आता है


















