
Apurva Srivastava
हम अपनी परिस्थिती को अपनी सीमा बना लेते हैं। बड़े विश्वास के साथ हम खुद को और दूसरों को बताते हैं देखो मेरी परिस्थिती ना ऐसी थी तो मैं क्या करती। शायद कभी एक आक ऐसी परिस्थिती आई जब लगा कि बहुत बुरा होगा बहुत गड़बड़ हो गई लेकिन तब पता चलता है वो परिस्थिती काथिन नहीं थी हम ने अपने आप को ही बहुत छोटा समझ लिया था। परिस्थिती तो बहुत अच्छा है खुद को देखने के लिए कि कितने घाव खा कर भी हम सीधे खड़े हो सकते हैं 🪔🙏


















