
Kamlesh Sharma
मैने कई मान्यताओं को पकड़ रख था , तब मैने इन बातों के बारे में कभी सोचा ही नहीं! लेकिन जब मैने आचार्य जी को सुनना शुरू किया, अब मै देख पा रही हूं , और परिणाम मेरे सामने है। अब मैं ईमानदारी से, सही नीयत के साथ, उन धारणाओं कि नेति नेति कर रही हूँ, जो गलत है!


















