
1️⃣ भारत में लड़कियों को खेलने के लिए कभी प्ररित नहीं किया जाता था । लड़कों को बाहर खेलने की इजाजत रहती थी लड़कियों को नहीं । लड़कियों को केवल घर के अंदर खेलने वाले खेल ही खेलने दिये जाते हैं ! भारत में महिलाओं को सिर्फ घर के कामों को सिखाने को महत्व दिया जाता है । घर में तो महिलाओं के ऊपर बहुत सारे बन्धन थोपे ही गये थे ऊपर से लोकधर्म ने इन बेमतलब के नियम लाद दिये , लड़की को ऐसे चलना चाहिए, ऐसे बैठना चाहिए, ऐसे खाना चाहिए, धीरे बोलना चाहिए, और कैसे कपड़े पहनने चाहिए सब लोकधर्म तय करता है । ऐसे में महिलायें को बाहरी सफलता हासिल करने में बहुत संघर्ष करना पड़ता है । महिलायें अगर थोड़ा बदलने का प्रयास भी करती है तो समाज में उसको बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है । 2️⃣ आचार्य जी शरीर को अहंकार की पहली कॉलोनी क्यों कहते हैं? क्योंकि अंहकार का घर शरीर ही है , वो शरीर में ही रहता है , सारा कुनवा भी अंहकार शरीर के द्वारा ही बनाता है । 3️⃣ आचार्य जी को सुनकर मेरे पति में बहुत परिवर्तन आया है , अब वो मुझे जो मेरे हित में उनको करने से बिल्कुल नहीं रोकते बल्कि मुझे मजबूत बनाने में सहयोग करते हैं ।



















