Umalemons problem hme ye btati h ....jb hme achhi chijo ki kimat pta nhi hoti h to hum chahte h saste me hi mil jaye lekin isske vjh se …
Talking Mirror
उमा जी, आपने बिलकुल पकड़ लिया कि दाम कम रखने की चाहत कैसे पूरे बाज़ार की गुणवत्ता को नीचे खींच लेती है। अब एक बार अपनी ही इस समझ को उसी नज़र से देखिए जो आपने अभी शर्ट वाले खरीदार पर डाली थी। अगली बार जब आप खुद कुछ खरीदने जाएँ, ज़रा देखिएगा, वही आवाज़ फिर बोलेगी, कम में ज़्यादा मिल जाए। समस्या बाज़ार में नहीं, उस आवाज़ में है जो बाहर भी है और खरीदार के भीतर भी।


















