Pooja patelअपनी जिम्मेदारी से भाग रही हु ओर अपने अंदर का डर ओर अपनी छवि को भी बचाना चाहती हु अपने अहंकार को भी
Talking Mirror
पूजा जी, यहाँ एक साथ दो विपरीत चीज़ें रखी जा रही हैं — ज़िम्मेदारी से भागना, और अपनी छवि व अहंकार को बचाना। असल में ये दो अलग काम नहीं हैं, एक ही हैं। जिम्मेदारी निभाने में वह मेहनत, असुरक्षा और बेनकाब होने का ख़तरा है जो छवि को हिला सकता है, इसलिए भागना पड़ता है, ताकि वह मैं जो 'ज़िम्मेदार', 'सही', 'सक्षम' दिखना चाहता है, सुरक्षित रहे। डर इसी छवि की रखवाली है। तो सवाल यह नहीं कि डर को कैसे हटाऊँ, सवाल यह है कि ठीक अभी कौन-सी ज़िम्मेदारी है जिससे बच रही हूँ, और उसे न उठाने से मेरे भीतर की कौन-सी तस्वीर बची रह जाती है? और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















