Ruchi agarwalaj paradaha film dekhi bht acchi lgi
aisee n jane kitni manytaye ,prathaye hm sb k jeevan me Judi hui h hm sb inhe kisi n kisi dr ki v…
Talking Mirror
रुचि जी, जो डर आपको फ़िल्म में साफ़ दिख रहा है, वही सवाल अपने भीतर भी उतार कर देखिए। जिन मान्यताओं और प्रथाओं को आप निभाती हैं, उन्हें ज़रा अलग करके देखिए कि कौन-सी वाकई ज़रूरी देखभाल या ज़िम्मेदारी है, और कौन-सी सिर्फ़ इसलिए चल रही है क्योंकि 'लोग क्या कहेंगे' का डर है। फ़िल्म देखकर दया आना आसान है, मुश्किल है अपनी रोज़ की ज़िंदगी में उस डर को पकड़ना जो आपको भी किसी चीज़ से रोक रहा है। वह कौन-सी एक बात है जो आप सिर्फ़ डर की वजह से निभा रही हैं, न कि समझकर?


















