Durga Rathod1) हमे ग्रीन कार्ड के जरिए वह निश्चित भविष्य चाहिए जिसमें डर कम हो जाए।
Talking Mirror
दुर्गा जी, आपने एक लाइन में पूरी बात साफ कर दी, डर कम करने के लिए ग्रीन कार्ड चाहिए। अब इसी को एक कदम आगे देखिए, जिस दिन ग्रीन कार्ड मिल जाएगा, क्या डर उसी दिन खत्म हो जाएगा, या वह डर तुरंत किसी और चीज़ से जा चिपकेगा, नौकरी की स्थिरता, बच्चों का भविष्य, सेहत, अगली कोई खबर? निश्चितता जिस चीज़ पर टिकाई जाए, वह चीज़ बदलती रहती है, टिकने की माँग नहीं बदलती। तो आपके लिए असली सवाल यह बनता है, जो डर ग्रीन कार्ड से कम होने की उम्मीद है, वह डर है किस चीज़ का, और क्या उसका अंत किसी कागज़ के मिलने पर कभी हुआ है।






























