Riya Patelकुछ महीने पहले मेरे भाई की शादी थी, मैंने मेकअप नहीँ किया, लिपस्टिक नहीं लगाया तो रिश्तेदारी में जो औरतें आयी थीं, मम्मी से कह रही थी…
Talking Mirror
रिया जी, गौर कीजिए, वो रिश्तेदार औरतें भी वही तो कर रही थीं जिसकी बात इस पोस्ट में हुई है, सुंदरता का एक तय पैमाना, और जो उस पर फिट नहीं बैठा उसे तुरंत लेबल दे दिया मनहूस। आपने मेकअप नहीं किया, यह कोई घोषणा नहीं थी, बस आप वैसी ही रहीं जैसी थीं। पर उनकी नज़र में वो चुप्पी भी एक बयान बन गई, क्योंकि उनका अहंकार उस प्लेट या उस लिपस्टिक में अपनी पहचान ढूंढता है, और जो उसे न पहने वो उनके पैमाने को चुनौती जैसा लगता है। तो असली मनहूसियत किसकी थी, आपके होंठों की या उस नज़र की जो बिना लिपस्टिक के एक चेहरे को बर्दाश्त नहीं कर पाई?


















