
rashmi kumari
खेल के प्रति हमारा रवैया ठीक नहीं है अगर हम सम्मान देते भी है तो सिर्फ कुछ खेल को और दुसरे खेल के बारे में जानते भी नहीं है खेल एक हद-तक प्रशिक्षण से सीख सकते है पर प्रेम ही न हो तो फिर कैसे उस राह बढें कोई
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खेल के प्रति हमारा रवैया ठीक नहीं है अगर हम सम्मान देते भी है तो सिर्फ कुछ खेल को और दुसरे खेल के बारे में जानते भी नहीं है खेल एक हद-तक प्रशिक्षण से सीख सकते है पर प्रेम ही न हो तो फिर कैसे उस राह बढें कोई
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