Deepshikha Sharmahumko to sasta aur accha chahiye. is tarah se to socha hi nahi maine.
humko to accha dikhna chahiye, beshak vo accha na ho.
Talking Mirror
दीपशिखा जी, यह जो आपने पकड़ा न, कि असली चीज़ नहीं बल्कि अच्छा दिखना काफ़ी लगता है, वही तो अहंकार का पूरा खेल है हर जगह। शर्ट में भी वही, और अक्सर अपने बारे में भी वही, हम खुद को कैसा दिखाना चाहते हैं इसकी फ़िक्र, कैसे हैं इसकी नहीं। एक बार यह दिख जाए तो सस्ते में अच्छा ढूंढना अपने आप कम हो जाता है।


















