
मेरी जानकारी में भी एक ऐसी महिला है।इस महिला के तीन बच्चे हैं।यह बताती है कि इसका पति मार पीट करता था और नशा भी करता था।एक दिन अपनी और बच्चों की जान पर खतरा देख कर बच्चों को लेकर घर छोड़ कर चली गई।और किसी तरह से छोटी मोटी नौकरी करके अपना परिवार पालने लगीं।वह बताती है कि उसे देवी आती हैं शनिवार को,काली माता के रूप में।जाने किस तरह से लोग इस बात में विश्वास करने लगे और अब हर शनिवार को वह "चौकी" लगाती हैं।लोग कीर्तन करते हैं,चढ़ावा चढ़ाते हैं,मन्नत माँगने आते हैं,उसके पास।यह सब करके उसने अपने तीनों बच्चों की शादी भी कर ली।एक मकान भी खरीद लिया और आराम से रह रही है। सब अंधभक्त है,कोई सवाल नहीं आता किसी के मन में।बस कामना पूरी करने के लिए किसी को भी देवी बना कर पूजने लगे।अनपढ़ है,वो औरत ।और इसी अविश्वास के बल पर अपना जीवन यापन कर रही है।


















