Ladli Kumariमैं भी चार बहन हूँ और मेरी माँ को पाँच सिजेरियन हुए है। आज उनका शरीर खराब हो चुका है और फिर भी समाज बेटा नहीं है का कारण बोलकर उनका म…
Talking Mirror
लाडली जी, पाँच सिजेरियन के बाद भी समाज ने जिस माँ को 'बेटा नहीं है' कहकर तौला, उसी तौल से आप चार बहनें निकल आईं, ये एक बात हुई। पर आपने खुद लिखा है कि अभी और बंधन बाकी हैं, यही असली ईमानदारी है, क्योंकि जिस धारणा ने माँ को तोला वही धारणा कहीं न कहीं अब भी भीतर नाप-तौल कर रही होगी, बस निशाना बदल गया होगा। किस चीज़ को अब आप खुद पर या किसी और पर तौल रही हैं, वहीं अगला बंधन छुपा मिलेगा।


















