
Garima Chaudhari
मैं वीगन हो गई हूं मांस अण्डे, दूध या दूध से बनी चीजें खानी बंद कर दी है, फालतू की उपभोग की वस्तुएं खरीदना बंद कर दिया है जितनी और जिसकी आवश्यकता होती है उतनी ही चीजें अपने पास रखती हूं लेकिन इतना पता है कि अकेले मेरे वीगन हो जाने से या उपभोग कम कर देने से इतने बड़े विनाश- क्लाइमेट चेंज को रोकने की दिशा में शायद ही कोई फर्क पड़े पूरी। इसलिए दुनिया के लोगों को जागरूक होना होगा क्योंकि धरती अकेले मेरी नहीं है सबकी है जिनमें निर्दोष जीव-जंतु पशु-पक्षी भी शामिल हैं उन्हें बचाने में सबको आगे आना होगा तब जाकर कुछ सार्थक हो पायेगा इसलिए मैंने बाकी लोगों को समझाने की कोशिश करी है हर बार असफल ही हो रही हूं निराशा 😔 उठती है पर अपना प्रयास कुछ लोगों तक सीमित नहीं करूंगी।


















