
Radhika raghuwanshi
ऐसी कई मान्यताओं को हम भी आज बिना परखे बस ढोते चल रहे थे, हमारे यहां बड़े गर्व से कहते हैं कि एक पत्नी का धर्म है पति की सेवा करना। लेकिन आज हम आचार्य जी से शिक्षाएँ ले रहे हैं तो हम पूछेंगे उन कहने बालों से क्या वाकई धर्म यही है तो बताओ कहा लिखा है क्यूंकि हमारे मायने में तो धर्म वो ही है जो जगकल्याणकारी हो। इसमें पति कहा आ गया बीच में। सिर्फ पति की सेवा करना धर्म है ये कहना गलत होगा।


















