विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई, और मौज (Vidyarthi Jeevan)

विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई, और मौज (Vidyarthi Jeevan)

कॉलेज, कैरियर, जवानी
4.8/5
169 Ratings & 77 Reviews
Gifting available for eBook & Audiobook Add to cart and tap ‘Send as a Gift’
Paperback Details
Hindi Language
202 Print Length
Description
युवावस्था बहुत ही नाज़ुक समय होता है। यही समय निर्धारित कर देता है कि जीवन किस दिशा जाएगा। कैरियर की चुनौती, प्रेम और अन्य सम्बन्ध विषयक सवाल एक युवा मन को हमेशा झंझोड़ते रहते हैं। निर्णय करना बड़ा मुश्किल होता है। ज़्यादा सम्भावना यही रहती है कि निर्णय परिवार, समाज, शिक्षा और मीडिया से प्रभावित होकर लिये जाएँ, न कि अपनी समझ और बुद्धि से। ऐसे निर्णय तात्कालिक रूप से सुविधाजनक लग सकते हैं पर इससे जीवन बन्धनों में बँधता रहता है।

आजकल का युवा, खासतौर से भारत का, विभिन्न पारिवारिक, सामाजिक, शैक्षणिक व मीडिया, व्यावसायिक, शारीरिक दुविधाएँ, प्रेम व रिश्ते तथा गहरे अस्तित्ववान जीवन सम्बन्धी प्रश्नों से जुड़ी बहुधा चुनौतियों का सामना करता है। युवा वर्ग एक ऐसी नाज़ुक स्थिति में है जहाँ से ज़िंदगी में गलत मोड़ लेना काफी आसान है।

आचार्य प्रशांत अपने एक अनोखे ही तरीके से युवा पीढ़ी की ऊर्जा और संघर्षों को संबोधित करते हैं। इस पुस्तक का यही उद्देश्य है कि आपको भी स्पष्टता मिले और अपने जीवन के निर्णय आप स्वयं अपनी सूझबूझ से कर सकें।
Index
CH1
डर बहुत लगता है?
CH2
अटेंशन, फ़ोकस और कन्सन्ट्रेशन
CH3
पढ़ने बैठता हूँ तो मन नहीं लगता
CH4
न पढ़ाई में मन लगता, न ढंग का काम मिलता
CH5
मोटिवेशन का बाज़ार गर्म है!
CH6
कभी इधर कभी उधर — मेरी ज़िन्दगी जा किधर रही है?
Choose Format
Share this book
क्या आपको आचार्य प्रशांत की शिक्षाओं से लाभ हुआ है? आपके योगदान से ही यह मिशन आगे बढ़ेगा।
Reader Reviews
4.8/5
169 Ratings & 77 Reviews
5 stars 95%
4 stars 1%
3 stars 0%
2 stars 0%
1 stars 2%