
पुनर्जन्म” एक ऐसी किताब है जो जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म जैसे गहरे विषयों को नए और तर्कसंगत नजरिए से समझाती है। इसे पढ़ते हुए मुझे एहसास हुआ कि पुनर्जन्म को केवल धार्मिक मान्यता के रूप में देखने के बजाय, इसे अपने वर्तमान जीवन से जोड़कर समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है। किताब बहुत सरल और स्पष्ट भाषा में यह बताती है कि हम हर दिन अपने विचारों, आदतों और प्रतिक्रियाओं के माध्यम से खुद को बार-बार “जन्म” दे रहे...

इस किताब को पढ़ कर मेरी जो भी भ्रांतियां थी उन सबका खोखलापन दिख गया। आज तक जो भी मान्यताएं लेकर अपने जीवन में आने वाले दुखों को देखती थी उन सबका असली कारण समझ में आया। मैं सभी से यही कुंजी की ये किताब जरूर पढ़े ताकि आपके जीवन में जो भी कष्ट है उसके लिए न आप किसी भगवान को न ही किसी पिछले जन्म को दोषी करार दो।