
व्याख्यानों का संकलन

इस किताब “महाभारत” को पढ़कर मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक पुरानी कथा नहीं है, बल्कि हमारे अपने जीवन का प्रतिबिंब है। पहले मैं महाभारत को एक धार्मिक या ऐतिहासिक कहानी के रूप में देखता था, लेकिन इस पुस्तक ने इसे एकदम नए नजरिए से समझाया। लेखक ने महाभारत के पात्रों और घटनाओं को हमारे अंदर चल रहे द्वंद्व, मोह, क्रोध और भ्रम से जोड़कर बताया है। इससे पढ़ते समय ऐसा लगा जैसे यह कहानी बाहर नहीं, बल्कि मेरे ...

आचार्य जी 🙏 को सुनने से पहले:- महाभारत पांडव और कौरव की लड़ाई।❌ सुनने के बाद:- तुम ही पांडव और तुम ही कौरव चुनाव तुम्हारा है।✅ बाहर की नहीं भीतर की लड़ाई है। मैंने बहुत लोगों का वक्तव्य और पुस्तकें पढ़ी है महाभारत की। पर इतना ऊंचा और सुक्ष्म अर्थ कोई नहीं बता सकता। धन्यवाद PAF टीम🙏