content home
Login

गुरु गोबिंद सिंह जी का धर्म-संदेश: कलम हो या शस्त्र — उठे आत्मबल से

Thumbnail
AP Name Logo
युगपुरुषों का संघर्ष
Watch Complete Series
54 मिनट
हिन्दी
विशिष्ट वीडियोज़
पठन सामग्री
आजीवन वैधता
Contribution: ₹70 ₹499
ENROL
ADD TO CART
Already Registered?
Login
Apply for Scholarship
Share this Video Series
परिचय
लाभ
संरचना

साहस, बलिदान या भक्ति की बात आती है, तो उनमे गुरु गोबिंद सिंह जी का नाम सामने आता है। वे केवल योद्धा, समाज-सुधारक या संत नहीं थे — वे इन सबका संगम थे, और इनसे भी ऊपर।

ज़फ़रनामा, जिसे ‘विजय पत्र’ भी कहते हैं, गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब को लिखा गया साहस भरा पत्र है। यह उनकी कूटनीति और शौर्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जिनकी जड़ें आध्यात्मिकता में थीं।

गुरु गोबिंद सिंह जी स्वयं तलवार उठाने की चुनौती देते थे , इस कठिन प्रश्न के साथ कि — "क्या मेरा जीवन स्वयं यह दिखाता है कि मैं सत्य के पक्ष में खड़ा हूँ — चाहे कीमत जो भी हो?"

इस वीडियो शृंखला में, आचार्य प्रशांत के माध्यम से आप गुरु गोबिंद सिंह जी के अंतरतम संघर्ष से रूबरू होंगे।

  • जहाँ भक्ति कमज़ोरी नहीं, प्रतिरोध की ज्वाला बनती है
  • अध्यात्म मौन नहीं, विद्रोह बन जाता है
  • और सत्य केवल कहने -सुनने की बात नहीं - इसे जीना और इसके लिए लड़ना पड़ता है
FAQs

Can’t find the answer you’re looking for? Reach out to our support team.

कोई भी वीडियो श्रृंखला आचार्य प्रशांत के यूट्यूब वीडियो से कैसे अलग है?
क्या ये लाइव वीडियो हैं या इसमें पहले से रिकॉर्डेड वीडियो हैं?
वीडियो श्रृंखला के लिए सहयोग राशि क्यों रखी गयी है? यह निःशुल्क क्यों नहीं है?
सहयोग राशि से अधिक दान देने से मुझे क्या लाभ होगा?
वीडियो श्रृंखला की रजिस्ट्रेशन की प्रकिया के बाद मैं उसे कब तक देख सकता हूँ?
क्या वीडियो श्रृंखला के वीडियो को बार-बार देखने की सुविधा उपलब्ध है?
मुझे वीडियो श्रृंखला से बहुत लाभ हुआ, अब मैं संस्था की कैसे सहायता कर सकता हूँ?
Read 130+ eBooks in App