
जलवायु परिवर्तन अब कोई दूर की चेतावनी नहीं है, यह आज का तथ्य है। हर हीट वेव, हर बाढ़, हिमालय में होने वाला हर भूस्खलन—आज हमसे चीख-चीखकर कुछ कहना चाहता है। लेकिन क्या हम अपने अस्तित्व पर आए इस संकट को सुन पा रहे हैं? हमारे आस-पास का माहौल हो, नेताओं की रैलियाँ हों, टीवी हो या सोशल मीडिया— कहीं इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा देखने को नहीं मिलती?
पिछले 15 वर्षों से आचार्य प्रशांत हमें इस मुद्दे पर जागरूक करते आए हैं। वास्तव में, हम इस संकट में न सिर्फ फँस गए हैं, बल्कि इसका कारण भी हम ही हैं। ऐसी स्थिति में अब चुप रहना या तथ्यों से अनजान बने रहना—दोनों ही विकल्प शेष नहीं हैं।
यह वीडियो श्रृंखला उन सवालों के उत्तर देती है जो पूछे नहीं जा रहे:
यह वीडियो सीरीज़ आपको जागरूक ही नहीं करती — यह आपको ठोस तथ्यों के साथ वह दिशा देती है जो इस संकट से निपटने के लिए अब सबसे ज़रूरी है।
क्लाइमेट चेंज को लेकर ज़मीनी और नीतिगत स्तर पर आज की वास्तविक परिस्थिति से रूबरू होंगे
बढ़ते तापमान, बाढ़ और सूखे के अलावा जलवायु परिवर्तन के उन गहरे प्रभावों से परिचित होंगे जिनसे हम अभी अपरिचित हैं - साथ ही निकट भविष्य की गंभीर चुनौतियों से भी अवगत होंगे।
छुपे हुए पहलुओं की जानकारी मिलेगी - राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं के वे पक्ष जानेंगे जिन पर आमतौर पर चर्चा नहीं होती।
सामूहिक समाधान की दिशा मिलेगी - भावनाओं और डर के बजाय आंकड़ों और ठोस तथ्यों के आधार पर इस मुद्दे से निपटने की दिशा मिलेगी।
Can’t find the answer you’re looking for? Reach out to our support team.
All video sessions of these video series are available on this platform only. (Some parts of few videos might be intermittently available on some social media platforms. However, the entire video series with its structure, tests, and processes is not available anywhere else other than this platform.)