
यह किताब महिलाओं को जरूर पढ़नी चाहिए, इस किताब में प्रशांत सर ने महिलाओं की कमज़ोरी को आईना दिखाने का काम किया है, महिलाएं कैसे अपने लिए ही दुश्मन बन जाती है, महिला पहले एक मनुष्य हैं किंतु समाज उन्हें मनुष्य नहीं देखता और अब तो महिलाएं भी अपने आप को मनुष्य नहीं देखती इस विषय को कैसे समझे और कैसे इसे बदले इस चीज़ को भली भांति स्पष्ट किया है। महिलाएं कृपया अपनी ताकत समझे और ऊंचाई हासिल करे इस चीज़ का ...