प्रश्नकर्ता: मेरे विचार से एक व्यक्तिगत संसार होता है और एक सामाजिक संसार होता है। और मेरी आयु वर्ग में — 21 से 30 वर्ष की आयु के बीच जहाँ पर आदमी के के सामाजिक संसार को दो हिस्सों में बाँट दिया जाता है — रिश्ता (पर्सनल लाइफ़) और कैरियर (प्रोफेशनल लाइफ़) तो मैं रिश्तों को कैसे संतुलित करूँ और जब लोग रिश्ता कहते हैं तो इस संदर्भ में रिश्तों का मतलब रोमांटिक रिश्ते और करियर है।
आचार्य प्रशांत: नहीं, दो होने ही नहीं चाहिए। दो हैं तो दो के बीच में पिस जाओगे।
“दुई पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय"
रिलेशनशिप और करियर दो विरोधाभासी, कनफ्लिक्टिंग चीज़ें क्यों होनी चाहिए या इन दोनों के बीच में आपको एक डिवीजन भी क्यों बनाना है कि पर्सनल लाइफ़ अलग है और प्रोफेशनल लाइफ़ अलग है। आपको क्यों करना है?
प्र: तो फिर एक जोड़ी कैसे रहे?
आचार्य: कॉमन सेंटर होना चाहिए न। वो कॉमन सेंटर या तो ये हो सकता है कि मुझे एक प्लेज़र मिलता है पैसे से। तो मैं उस हिसाब से जॉब सिलेक्ट करूँगा या काम सिलेक्ट




