कहीं उनका किसी से कुछ चल तो नहीं रहा? || आचार्य प्रशांत कार्यशाला (2023)

प्रश्नकर्ता: मेरे पति एक ऐड इंडस्ट्री (विज्ञापन उद्योग) में काम करते हैं। तो उनका पूरा समय जवान और सुन्दर महिलाओं के साथ बीतता है। जिसके वजह से मैं बहुत स्ट्रेस (तनाव) में रहती हूँ, पजेसिव (अधिकारात्मक) हो जाती हूँ, इनसिक्योर (असुरक्षित) हो जाती हूँ। तो मैं सारे हथकंडे अपना चुकी हूँ, पर मेरे पति वह काम छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। मेरे पति का मानना है कि उनकी नीयत साफ़ है और जो भी महिलाएँ हैं उनसे सिर्फ़ काम से ही सम्बन्ध है। उसके अलावा कुछ नहीं। अब मुझे लगता है कि मुझे ख़ुद में ही बदलाव करना चाहिए। पर मैं क्या करूँ अभी?
आचार्य प्रशांत: बड़ी गरीबी की हालत है वैसे ये तो। कि मेरा पति है, वो कहीं ऑफ़िस में काम करता है। वहाँ उसके साथ आकर्षक महिलाएँ काम करती हैं, तो वो कहीं कुछ गड़बड़ ना करें। और इसको लेकर के पत्नी जी में बड़ा तनाव रहता है, डर रहता है।
सबसे पहले तो वही, बात बड़ी गरीबी और गरिमाहीनता की है। रिश्ता अगर कमज़ोर है बालू की बुनियाद पर बना हुआ है, तो आप उसको बचाकर भी क्या कर लेंगी। रिश्ता तो तभी सार्थक और थोड़ा स्थाई होगा जब दोनों पक्ष किसी दबाव या ज़ोर ज़बरदस्ती के कारण नहीं, बल्कि अपनी समझ-बूझ से और स्वेच्छा से एकसाथ हों। है न?
अब अगर इस सम्बन्ध में पतिदेव को कुछ मिल ही नहीं रहा है, तो उड़ तो वो जाएँगे ही; उनको आप वैसे भी नहीं रोक पाएँगी। और ज़्यादा बुरी बात ये हो सकती है कि वो उड़कर भी, आपका घोसला छोड़कर उड़ जाने के बाद भी आपको दाना डालते रहें। वो तो और ऐसा होगा जैसे गरीब पर दया दिखायी जा रही है।
मुझे नहीं मालूम कि इसमें एकदम स्पेसिफ़िक (विशिष्ट) स्थितियाँ क्या हैं। लेकिन आमतौर पर डर ज़्यादा तब लगता है जब महिला पुरुष पर आर्थिक रूप से भी आश्रित होती है। फिर जिसको पजेसिवनेस



