Acharya Prashant is dedicated to building a brighter future for you
Articles
जो बहुत होशियार बनते हैं || नीम लड्डू
Author Acharya Prashant
Acharya Prashant
1 min
117 reads

बहुत मोटी मार पड़ती है ठीक तब जब तुम्हें ज़रा भी अंदेशा नहीं होता कि मार खाने वाले हो। माया भी कोई छोटी-मोटी खिलाड़न थोड़े ही है। बेहोशों को छोड़ देती है, वह कहती है, “यह तो पहले ही गिरा हुआ है इसको क्या गिराएँ? शू!” वह भी पसंद करती है उनका शिकार करना जिनका दावा होता है होश का। वह कहती है, “आप आइये, अब मिला कोई बाँका-पट्ठा! अब मिला कोई जो बड़े विश्वास के साथ छाती ठोक कर खड़ा हुआ है कि ‘हम जागृत हैं, हमें होश है’।“ माया कहती है, “हम तुम्हारा शिकार करेंगे और ऐसा शिकार करेंगे तुम्हारा कि तुम्हें पता भी नहीं चलेगा कि तुम शिकार हो गए।“ कैसा रहेगा?

Have you benefited from Acharya Prashant's teachings?
Only through your contribution will this mission move forward.
Donate to spread the light
View All Articles
AP Sign
Namaste 🙏🏼
How can we help?
Help