Acharya Prashant is dedicated to building a brighter future for you
Articles
जीवन बदलेगा! जान तो लगाओ! || नीम लड्डू
Author Acharya Prashant
Acharya Prashant
2 min
69 reads

मैं इंदिरापुरम की ओर से निकल रहा था, तीन-चार साल पहले की बात है। अचानक मेरी गाड़ी के सामने दौड़ता हुआ एक मुर्गा आ गया। वो छूट कर भागा, वो सड़क की तरफ़ आ गया कि, ‘गाड़ी से कुचल कर मर जाऊँगा तो मर जाऊँगा, पर इसके साथ रहना मंज़ूर नहीं है!’ मैंने ब्रेक मारा, वो बच गया। पीछे से उसका कसाई आया, उसने उसको उठा लिया और ले गया। मैं गाड़ी लेकर थोड़ा आगे बढ़ा, फिर मैंने कहा, "नहीं, लौटना पड़ेगा।"

मैं लौटा। मेरा पहला अनुभव था किसी मुर्गे को छूने का, वो था भी ख़तरनाक। जीतू नाम रखा था हमने उसका। उसी दिन कट गया होता, नहीं बचना था उसको, पर उसने कुछ ऐसा करा जो ज़रा अलग था। जितनी भी उसमें जान थी उसने वो जान दिखाई।

तुम बहुत ज़्यादा नहीं कर सकते पर जितना कर सकते हो उतनी तो हिम्मत दिखाओ न। हिम्मत-ए-मुर्गा, मदद-ए-ख़ुदा! जीतू ने अपना भविष्य सोचा था क्या? तो भविष्य की नहीं सोचनी है, वर्तमान के खिलाफ़ विद्रोह करना है। जो भविष्य की सोचते हैं उनका वर्तमान वैसे ही चलता रहता है जैसा चल रहा है।

Have you benefited from Acharya Prashant's teachings?
Only through your contribution will this mission move forward.
Donate to spread the light
View All Articles
AP Sign
Namaste 🙏🏼
How can we help?
Help