जन्म लिया तो मरेगा, जन्म लिया तो मरेगा, जन्म लिया तो मरेगा तू, जन्म लिया तो मरेगा। ये मृत्यु का नहीं, अमरता का गीत है। इसका मतलब है: अजन्मे रहो, अमर रहो। देह का ही तो कहते हो कि जन्म हुआ। तो अजन्मे रहने का अर्थ है: देह मत बनना, चेतना बनना, जानना। जानना, नहीं तो एक्शन-रिएक्शन के ही खेल में फँस जाओगे और फिर उसमें दुख आ जाता है ज़िंदगी में। तो दुख से बचने का गीत है ये। ये आशीर्वाद है; अजन्मे रहो, अमर रहो।
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प्रश्नकर्ता: (छोटे बच्चे का प्रश्न) आचार्य जी प्रणाम। आज मेरा बर्थडे है और जब आप सेंट मैरी में पढ़ते थे तो आपका गंदा नंबर आया था, तो आपका कैसे बर्थडे मना था?
आचार्य प्रशांत: अच्छा तुम्हारा सवाल है या किसी ने ये तुमको बता के भेजा है? मम्मी ने भेजा? किसने भेजा है? बताओ।
प्रश्नकर्ता: मम्मी।
आचार्य प्रशांत: मम्मी ने। तुम तो बेटा अभी बोल भी नहीं पा रहे ठीक से। क्या बोला है तुमने? क्या बोला है? आज मेरा बर्थडे है। इतना सुना, और?
प्रश्नकर्ता: जब आपका सैंट मेरी




