इंसान जल्द ही 200 साल जिएगा, और ये होगा अंजाम || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)

प्रश्नकर्ता: नमस्ते आचार्य जी, मेरा प्रश्न विज्ञान से सम्बन्धित है। तो काफ़ी समय से वैज्ञानिक समुदाय और प्रकृति में एक तरीक़े का एक तकरार चल रहा है और काफ़ी हद तक विज्ञान सफल भी हुआ है, कोविड वैक्सीन का उन्होंने निर्माण किया और शायद प्रकृति की जो योजना थी उसको असफल किया। और विज्ञान की ये इच्छा ही रही है कि वो इंसान की आयु को बढ़ाते चले जाए। अभी ऐसा हो गया है कि इससे प्रेरणा लेकर यूएस में जो बिलियनेयर कम्युनिटी (अरबपति समुदाय) है सिलिकॉन वैली में, उनका ये मक़सद बन गया है कि सारी चीज़ें प्राप्त कर ली हैं, पावर मिल गया है, पैसा मिल गया है, अभी मृत्यु पर जीत हासिल करनी है।
तो अभी उनका साइंटिफ़िक एक्सपेरीमेंट (वैज्ञानिक प्रयोग) चल रहा है मानव शरीर को अमर कैसे बनायें, इम्मोर्टालिटी (अमरता) तक कैसे पहुँचा जाए। बायो इलेक्ट्रिक आर्म लगा रहे हैं या सिर में चिप डालना है या क्रिस्पर जीन एडिटिंग (जीन सम्पादन) करनी है, ये सारी टेक्नोलॉजीज़ का वो बहुत फंडिंग (अनुदान) कर रहे हैं।
तो और इसके ‘युवाल नोआ हरारी’ ने उनकी पुस्तक में भी लिखा है कि बढ़ते-बढ़ते शायद हम इम्मोर्टालिटी की तरफ़ बढ़ते चले जाएँ। तो एवरेज एज (औसत उम्र) भी अभी जो सत्तर-अस्सी है वो एक-सौ-पचास, एक-सौ-साठ हो जाए बहुत ही जल्द।
तो मेरा प्रश्न ये है कि क्या प्रकृति इस इम्मोर्टालिटी के योजना में सफलता आने देगी इन बिलियनेयर्स को? और अगर है तो थोड़ा डिफ़िकल्ट (कठिन) लग रहा है क्योंकि आप हमेशा बोलते हो कि सिक्स्टी-एट्टी ईयर्स, सेंस ऑफ़ अर्जेंसी (आपातकाल की भावना) होनी चाहिए मुक्ति की ओर। और अगर आयु दोगुनी हो जाएगी, एक सौ पचास, एक सौ अस्सी हो जाएगी तो और भी रिलैक्स



