चाँद पर चंद्रयान, और मन में अज्ञान? || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)

प्रश्नकर्ता: सर,आज शाम को चन्द्रयान सफ़लतापूर्वक चाँद पर लैंड (उतरना) कर गया है। हमें भी बहुत खुशी है और पूरा देश भी बहुत खुश है। इस पर आपकी प्रतिक्रिया जानना चाहेंगे?
आचार्य प्रशांत: खुशी की बात तो है ही, और बहुत ज़रूरी था कि सुर्खियों में कोई वैज्ञानिक घटना आये, कोई अच्छी ठोस वैज्ञानिक सफ़लता आये। तो मैं समझता हूँ कि पूरे देश को इस बात पर बधाई दी जानी चाहिए, ‘इसरो’ को भी। और यहाँ से एक नयी शुरुआत होनी चाहिए।
प्र: जी, इसरो का ही यूट्यूब चैनल है। जहाँ पर चन्द्रयान की लाइव लैंडिंग जो है दिखाई गयी थी। और वहाँ पर करीबन एक समय ऐसा भी रहा था जब सत्तर लाख लोग लाइव उसको देख रहे थे।
आचार्य: काफ़ी बड़ा आँकड़ा है शायद।
प्र: जी, आज तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है, जब भी लाइव स्ट्रीम (ऑनलाइन प्रसारण) की अगर बात की जाए।
आचार्य: बहुत-बहुत अच्छी बात है कि ऐसे समय में जब विज्ञान भारत में बहुत अटैक्ड (हमला) है, विज्ञान की जैसे घेराबन्दी कर दी गयी है और उसको पीछे धकेला जा रहा है। ऐसे समय में आम जनता इतनी बड़ी तादात में अगर एक साइंटिफिक इवेन्ट (वैज्ञानिक घटना) को देख रही है तो ये बहुत-बहुत खुशी की बात है।



