"अब तो जाग मुसाफ़िर प्यारे" का अर्थ है, कि जब ये सुन रहा है मुसाफिर, जब तू ये बात सुन रहा है, तभी जग जा। अब से अर्थ है, अभी। और अभी माने, जब जग रहे हो, जब सुन रहे हो, तभी। सुनने के लिये जगना आवश्यक है। सुनने के लिए जगना आवश्यक है। तो जब भी तुम इन वचनों को सुन रहे हो, बस तभी उठ के बैठ जाओ। जब भी सुन रहे हो, तभी उठ जाओ।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
“अब तो जाग मुसाफ़र प्यारे, अब तो जाग मुसाफ़र प्यारे, रैन गई लटके सब तारे।
आवागौन सराईं डेरे, साथ तिआर मुसाफ़र तेरे, अजे ना सुणिओं कूच नगारे।
कल लै अज करनी दा बेरा, मुड़ ना हो सी आवण तेरा साथी चल्लो पुकारे।
मोती, चुनी, पारस, पासे, पास समुन्दर मरो पिआसे, खोल्ह अक्खीं उठ बौह बेकारे।
बुल्ल्हा शौह दे पैरीं पड़िये, ग़फ़लत छोड़ कुझ हीला करिये, मिरग जतन बिन खेत उजाड़े।




