अमर उजाला 15 अक्तूबर 2023 इज़रायल-हमास कत्लेआम
आचार्य प्रशांत अमर उजाला में लिखते हैं, धर्म का वास्तविक उद्देश्य होता है इंसान को उसके बंधन से और दुःख से आजाद करना और जब धर्म वास्तविक नहीं होता, आपको आनंद नहीं दे पाता तो आप चिढ़े-चिढ़े घूमते हो क्योंकि सब कुछ पालन करने के बाद भी भीतर से कोई त्रिप्ती शांति मिल नहीं रही होती। ऐसे में कोई आ करके थोड़ा आपको कोच दे, थोड़ा आपके जो भी इष्ट हैं, उनको एक दो चुभती बातें बोल दे तो आप के भीतर तुरंत विस्फोट हो जाएगा, हिंसा ऐसे ही जन्म लेती है।