"दो तिहाई तरक्की लूट का माल है"—यह सिर्फ एक तीखी बात नहीं, बल्कि उस झूठ का पर्दाफाश है जिसे हम GDP और progress कहते हैं। इस वीडियो में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि पिछले दो सौ सालों में पश्चिम की जिस समृद्धि की हम तारीफ करते हैं, उसमें मुश्किल से एक तिहाई ही ईमानदारी की कमाई है—innovation, श्रम, organization। बाकी दो तिहाई? वो दुनिया के कमजोर देशों को और प्रकृति को लूट-लूट कर आई है। जैसे कोई विरासत में मिला घर तोड़-तोड़ कर बेच दे और कहे "ये तो मेरी आमदनी है"—ठीक वैसे ही हम प्राकृतिक संसाधनों को बर्बाद करके खुद को अमीर समझ रहे हैं। Research बताती है कि पिछले 20-30 सालों में हमने अपना 40% natural capital खत्म कर दिया है। हम कमाई गिनते हैं, पर जो बर्बाद हुआ उसकी कीमत नहीं गिनते। नतीजा—हम अमीर नहीं, गरीब होते जा रहे हैं। लेकिन असली सवाल अर्थशास्त्र का नहीं है। आचार्य प्रशांत समझाते हैं कि जैसे ब्रिटेन ने भारत को लूटकर खुद को prosperous कहा, वैसे ही पूरी मनुष्यता प्रकृति को लूटकर अमीर बन रही है—और इसी लूट के खिलाफ प्रकृति का विद्रोह है climate catastrophe। यह सब एक ही जड़ से उपजता है: अलगाव का भाव। "मैं अलग हूँ, बाकी सब अलग है।" यही अहंकार की परिभाषा है, और यही द्वैत हर पाप की जड़ में है। जो ब्रिटिश supervisor एक बंगाली को कोड़े मारता है पर किसी अंग्रेज़ को नहीं—उसके मन में भेद है। वही भेद हमें कहलवाता है "दुनिया मरे तो मरे, मेरा क्या?" अध्यात्म का पूरा सार यही है: तुम प्रकृति से अलग नहीं हो। तुम इसी मिट्टी से उठे हो, तुम पृथ्वी ही हो। जैसे ही यह दिखेगा, उपभोग अपने आप घट जाएगा। #AcharyaPrashant #GDP #ClimateChange #Economy #Colonialism #प्रकृति #अध्यात्म #ClimateCrisis #NaturalCapital #अहंकार #जलवायुसंकट #द्वैत -------- वीडियो जानकारी: 26.04.2026, भगवद गीता सत्र, ऋषिकेश प्रगति, GDP एवं प्रकृति के दोहन पर विशेष सत्र 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... -------- 🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00099 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📄 AP फ्रेमवर्क आचार्य प्रशांत के दर्शन का पूरा विवरण 🔥 🔗 यहाँ पढ़ें: https://acharyaprashant.org/hi/ap-framework