On YouTube
आपकी उड़ान से बड़ी कोई ज़िम्मेदारी नहीं होती॥ आचार्य प्रशांत (2025)
49K views
2 months ago
Description

वीडियो जानकारी: 14.09.25, ग्रेटर नोएडा Title : संघर्ष से भागना है, या संघर्ष के साथ आगे बढ़ना है? फैसला तुम्हारा || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी बंधनों, आसक्ति और आत्म-ईमानदारी पर चर्चा कर रहे हैं। आचार्य जी बताते हैं कि हम ये मान्यता बना लेते है कि है कि “जब सब पूरी तरह छूट जाएगा, तब ही आगे बढ़ूँगा”। सही दिशा में बढ़ना अभी से शुरू करना है—दुर्बलता, बोझ, थकान सहित; इंतज़ार करना ही सबसे बड़ा बंधन है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि जिसे लोग “करुणा”, “ममता” या “कर्तव्य” कहते हैं, वह अधिकतर छिपा हुआ स्वार्थ और आसक्ति होती है, जिसे स्वीकार करने से वे बचते हैं। दुख का असली कारण दूसरे नहीं, बल्कि व्यक्ति की अपनी अपेक्षाएँ, निवेश और मोह हैं—और मुक्ति की शुरुआत इन सच्चाइयों को ईमानदारी से देखने से होती है।