
आपने घर में एक पौधा लगाया आप कैसे जानें हैं कि अब इसमें पानी देना है? आप देखते हैं कि मिट्टी सूखी है, पौधा मुरझा रहा है तो जान लीजिए यह प्रकृति का ही तरीका है, व्यवस्था है पुनः पानी पहुंँचने का।
अगर आप भी अपने जीवन में बेचैनी, डर, अवसाद अनुभव करते हों तो याद रखिए कुछ ऐसा है जो आपको पुकार रहा है, वह भी बेचैन है आपको आनंद तक ले जाने के लिए, आपको आपकी ऊंँची संभावना से मिलाने के लिए। कौन है जिसे दुख पसंद हो? क्योंकि आनंद तो हमारा स्वभाव है।
आचार्य प्रशांत संग हम जानेंगे कि बुल्लेशाह हमें हमारे असली रूप से कैसे मिलवाते हैं।
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