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उत्कृष्टता (उक्तियों के साथ) – राष्ट्रीय बेस्टसेलर
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Book Details
Language
hindi
Print Length
219
Description
अगर आप पायें कि आप किसी भी काम में उत्कृष्ट नहीं हैं, अगर आप पायें कि आपके मन में अक्सर एक डर या ख़ौफ़ की भावना रहती है, तो इसका अर्थ यही है कि आप जीवन को बिना समझे जीये जा रहे हैं। ये अपनेआप में कोई बीमारी नहीं हैं, ये लक्षण है। मूल बीमारी सदा एक होती है — जीवन को न जानना। हमारे न जानने का कारण भी बड़ा हास्यास्पद है। हम जानते इसलिए नहीं हैं क्योंकि हमने जानकारी उधार ले ली है। बचपन से ही हमें जीवन के बारे में जानकारी उधार दे दी गयी है। माँ-बाप, समाज, परिवार, शिक्षा, मीडिया, कॉरपोरेशंस, धर्म, दर्शन इन सबने हमारे मन में जीवन का एक चित्र खींच दिया है, जिस कारण हमें ये भ्रम हो जाता है कि जीवन क्या है ये हम जानते हैं। हम जीवन के बारे में दूसरों द्वारा दी गई धारणाओं को अपने मन में पालते गये। नतीजा ये है कि जो जीवन स्पष्ट है, सामने है, आप उसको भी नहीं देख पाते। उत्कृष्टता पानी है तो जीवन को समझना होगा और जीवन कोई बहुत दूर की चीज़ नहीं है जो जाकर समझनी है। जीवन का अर्थ तो वही है जो अभी हो रहा है, इसी समय।
Index
1. ऐश्वर्य बिना जीना क्या! 2. बिना इच्छाओं के तरक़्क़ी कैसे होगी? 3. जाना पर जिया नहीं, तो जीने में जान कहाँ! 4. उत्कृष्टता का स्रोत है आनन्द 5. ‘पानी में मीन प्यासी’ का अर्थ? 6. उत्कृष्टता कैसे लायें जीवन में?
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