ख़ास पाठकों के लिए दो पुस्तकों का कॉम्बो भारी छूट पर! समय + पैसा + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और अपने जीवन को सही दिशा दें।
समय:
इंसान का मन समय में ही जीता है और समय से ही सबसे ज़्यादा भयभीत रहता है। अतीत, वर्तमान और भविष्य — हम समय को इन तीन भागों में बाँटकर देखते हैं। मन या तो अतीत की स्मृतियों में खोया रहता है या भविष्य की कल्पनाओं में। पर यह कभी समझ नहीं पाता कि समय है क्या।
दुनियाभर के दार्शनिकों, विचारों और वैज्ञानिकों ने काल को गहराई से समझने का प्रयास किया है पर कुछ ही लोग हुए हैं जो काल को जानकार कालातीत में प्रवेश कर पाये हैं।
इस पुस्तक में हमें आचार्य प्रशांत समझा रहे हैं कि समय क्या है और कैसे हम इस महत्वपूर्ण संसाधन का सदुपयोग करके अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं।
पैसा:
पैसा खूब कमाना धर्म हो सकता है और कभी महा-अधर्म भी हो सकता है, निर्भर इस पर करता है कि आपका मन पैसे का उपयोग क्या करेगा। पैसा न अच्छा है न बुरा है - आज़ादी अच्छी है। तो आज़ादी के लिए जितना पैसा चाहिए ज़रूर अर्जित करो, उससे ज़्यादा करोगे तो वही पैसा बंधन बन जाएगा।
जानें "पैसा कितना और क्यों?" आचार्य प्रशांत के साथ इस उपयोगी किताब में।