लोग सोशल मीडिया पर जान-बूझकर घटिया बातें नहीं लिखते, उनकी ज़िंदगी ही ऐसी है। तुम कचरे की पेटी लेकर चल रहे हो, तो जगह-जगह क्या बिखराते चलोगे? सोना, चांदी, हीरे, मोती, क्या? कचरा ही तो बिखराते चलोगे। जिसके पास जो है, वह जहाँ जाएगा, वही बिखेरेगा। जब तक तुम्हारे पास कुछ ऊँचा और सुंदर नहीं होगा, तब तक तुम छोटी और बदबूदार बातों में ही लिप्त रहोगे। पूछो अपने-आप से, तुम्हारे जीवन का उद्देश्य क्या है?
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: सर जी प्रणाम आपको। आपने ही हमें बचा रखा है। आपकी वीडियो सुनते हैं डेली (रोज़) दस से ज़्यादा। सर, सोशल मीडिया पर इतनी बचकाना और घटिया पोस्टिंग ही क्यों करते हैं ज़्यादातर लोग? बिना बात का डिस्ट्रैक्शन (विकर्षण) होता है।
आचार्य प्रशांत: तुम कचरे की पेटी लेकर चल रहे हो अपने साथ तो जगह-जगह क्या बिखराते चलोगे? सोना, चांदी, हीरे, मोती, क्या? कचरा ही तो बिखराते चलोगे। जिसके पास जो है वो जहाँ जाएगा, वही बिखेरेगा।
लोग सोशल मीडिया पर जान-बूझकर घटिया और फिज़ूल बातें नहीं लिखते भाई, उनके पास बातें हैं ही यही। उनसे सहानुभूति रखो। उनके पास और कुछ है ही नहीं। उनकी ज़िंदगी ऐसी है कि उनके यही मुद्दे हैं। जिन बातों को अब तुम कह रहे हो कि बचकाना हैं और घटिया हैं, वो बातें उनकी नज़र में घटिया नहीं हैं जो उन बातों को पोस्ट करते हैं।
और कह रहे हो कि तुम रोज़ वीडियो सुनते हो डेली दस से ज़्यादा। ये जो तुम सवाल भी पूछ रहे हो न, ये सवाल उन्हीं विडियोज़ का ख़ुमार है। पता नहीं कब तुमने मेरे विडियोज़ देखने शुरू करे, मान लो छह महीने पहले।




