लव एट फर्स्ट साइट सबसे सशक्त प्रमाण होता है कि तुम गिरने जा रहे हो। इसीलिए उसके बाद होता है फॉलिंग इन लव। वास्तविक प्रेम होने में बहुत समय लगता है। सही व्यक्ति जब ज़िंदगी में आता है, तो कुछ भीतर चिढ़ेगा, और कुछ भीतर धीरे-धीरे प्रेम में पड़ता जाएगा। तुम अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहो। एक दिन पाओगे, सही दिशा में चलता हुआ कोई हमसफ़र मिल गया है।
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प्रश्नकर्ता: नमस्ते सर जी। मैं दो ढाई वर्ष पहले एक रिश्ते में था लेकिन मुझे बार-बार मेरे में अंदर से एक पुकार उठती थी कि नहीं ये प्रेम नहीं है और मैं काफ़ी परेशान रहता था और यूट्यूब पर काफ़ी वीडियो तलाश करता था कि प्रेम क्या है तो एक दिन आपका ऐड वाला वीडियो मुझे आया एक मिनट का और उसके बाद मैं क्लिक करते गया क्लिक करते गया बहुत सारे वीडियो देखते गया और फिर उसके बाद मैं आपसे जुड़ गया और धीरे-धीरे रिश्ते से हट गया। तो हम कैसे पता करे कि हम जिसके साथ रिश्ते में है तो हमारा इश्क़ हमें ऊँचाई की ओर ले जा रहा है या नीचाई की ओर?
आचार्य प्रशांत: तुम्हें अगर ये अभी तक पता ही नहीं है तो उसको छोड़ काहे आए बेचारी को? बिना जाने बुझे ही उसको त्याग दिया। हाँ? ढाई साल बाद भी कह रहे हो पता कैसे करें कि बंदा या बंदी ठीक है कि नहीं? जब पता ही नहीं था तो उसको क्यों डंप कर दिया? पहले पता करते फिर करते। नहीं पहले तुम जाओ अब तो….
प्रश्नकर्ता: झगड़े काफ़ी होते थे।
आचार्य प्रशांत: अब झगड़े तो हमारे भी तुम लोगों से बहुत होते हैं। रोज ही झगड़ा लगा रहता है। ऐसे तो तुम हमें भी छोड़ दोगे। मेरा तो काम ही है जहाँ झगड़ा ना हो वहाँ भी झगड़ा पैदा करना। एक बार तो मैंने कराया था झगड़ा शांत। उन्होंने कहा झगड़ा शांत करा दिया? हाँ, मैंने कहा झगड़ा शांत करा दिया अब झगड़ा नहीं हो रहा अब मार-पिटाई हो रही है।




