दुनिया की लगभग 50% दौलत 1% से भी कम लोगों के हाथों में है। ये कैसी तरक्की है? और ध्यान से समझो, अगर एक व्यापारी कार बनाता है, तो उसे अपनी फैक्ट्री में वह मानसिकता भी बनानी पड़ेगी जो यह समझे कि कार खरीदना तरक्की की निशानी है। जो तुम्हें चीज़ें बेचना चाहता है, वह तुम्हें यही बताएगा कि तरक्की का मतलब है चीज़ें खरीदना, उपभोग करना। और तुम अपना सुख-चैन सब गवां कर तरक्की के पीछे भाग रहे हो।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: सर, प्रगति का क्या मतलब होता है ?
आचार्य प्रशांत: खुद सोचो। यह जो तरक्क़ी, प्रगति, विकास है, अर्थ क्या है इसका? और क्या यह हो भी रहा है वास्तव में?
उदित, एक बात समझो साफ़ साफ़, अगर मैं वाहन(कार) बनाता हूँ, मैं एक व्यापारी हूँ, बिज़नेसमैन हूँ, जो कारें बनाता है, तो मुझे कारें ही नहीं बनानी हैं, मुझे अपनी फैक्ट्री में वो मन भी बनाना पड़ेगा जो यह समझता हो कि कार खरीदना तरक्की की निशानी है। मुझे एक साथ दो चीजें बनानी पड़ेंगी, एक कार और कार को खरीदने वाला मन। यह बात उस व्यापारी ने तुम्हारे दिमाग में भर दी है कि तरक्की का मतलब है चीजें, तरक्की मतलब है कार, तरक्की का मतलब है AC, तरक्की का मतलब है बड़ा घर, बंगला, फॉरेन ट्रिप। जिसे तुम्हें चीज़ें बेचनी हों, वो तो तुम्हें बताएगा ही ना कि तरक्की का मतलब है चीज़ें खरीदो और यही तुम्हें लगातार बताया जा रहा है। और तुम ज़रा सा अपनी चेतना का प्रयोग करते नहीं, तुम ज़रा सा अपने आप से पूछते नहीं कि कार से तरक्की का क्या सम्बन्ध है? और तरक्की माने क्या? क्या हासिल करना है? तरक्की माने क्या होता है? कुछ लालची और पागल लोगों का शिकार यह पूरी दुनिया बनी हुई है क्योंकि मीडिया पर उनका कब्ज़ा है, सरकारों पर उनका कब्ज़ा है और तुम ज़रा सा जाँच-पड़ताल करते नहीं।




