कुल 4000 मिलियन हेक्टेयर हमारे पास जंगल है पृथ्वी पर, और लगभग पिछले 10 सालों में ही हमने उसमें से 500 हटा दिया। सबसे ज़्यादा कहाँ हटाया जाता है, मालूम है? गरीब देशों में — जैसे भारत। 2015 से 2020 के बीच जिन देशों में सबसे ज़्यादा फॉरेस्ट कवर हटाया गया, उनमें से एक भारत है। एक लंबे अरसे तक पृथ्वी के 50% क्षेत्र पर जंगल थे। अभी कितने हैं? 30%। ये पृथ्वी ऐसे चल ही नहीं सकती। क्या समाधान है इसका? जब तक हम इंसान को ही नहीं बदलेंगे, हम देश और पॉलिसीज़ को कैसे बदल सकते हैं?
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: सर, पिछले दिनों आपने एक जगह पर कहा था कि 2025 एक निर्णायक साल होने वाला है। सबसे ख़तरनाक साल होने वाला है।
आचार्य प्रशांत: ख़तरनाक साल।
प्रश्नकर्ता: तो मैं आपसे यह समझना चाहता हूँ कि आपने ऐसा क्यों कहा था? 2025 हमारे लिए ख़तरनाक क्यूँ होने वाला है?
आचार्य प्रशांत: ये लोग तो हैप्पी न्यू ईयर कराने आए हैं सब। और शुरुआत ही इससे हो गया कि 2025 आज तक का सबसे ख़तरनाक साल होने वाला है। स्केरी न्यू ईयर, हैप्पी न्यू ईयर की जगह। कारण कोई इधर एक, दो, दस साल के भीतर नहीं बैठा हुआ है। बहुत लम्बा चौड़ा कारण है और उसकी चोट शताब्दियों तक जानी है।
कोई घाव ऐसा होता है जो भर जाता है साल में, चार साल में। तो हम नहीं कहते कि बहुत ख़तरनाक चोट लग गई है पर ऐसा एक रोग लगा है जिसका उपचार सौ-हज़ार सालों में उसको कहते हैं,




