रिश्ते फिर से याद रखिए, आपको अपने बंधन दिख रहे हैं तो उससे रिश्ता बनाइए, जो आपको चुनौती देता हो, आपके सामने आईने की तरह खड़ा होता हो, आपको आपकी बेड़ियाँ दिखा देता हो कि देखो अपने गले को, इसमें बेड़ियाँ ही बेड़ियाँ हैं। आपको अपने बंधन दिख रहे हों तो उससे रिश्ता बनाइए जो आपकी आज़ादी में सहायक हो। और आपको अगर दूसरे के बंधन दिख रहे हैं तो उसके सामने आईना बन के खड़े हो जाइए। यही राइट रिलेशनशिप है। इसके अलावा कुछ नहीं होती।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: सर, एक लास्ट क्वेश्चन, “द मिथ ऑफ़ फ्री टाइम। यू शुड हैव इवन अ सेकंड ऑफ़ द सो कॉल्ड ‘फ्री टाइम’ — साउंड स्ट्रेंज, बट प्लीज़ थिंक अबाउट इट। ऑल योर साइड मस्ट बी ऑक्यूपाइड एंड लिबरेटेड, लविंग, करेजस, एन्डेवर्स।” एंड द वर्ड्स टीचर मे बी लाइक देयर आर ओके टू अंडरस्टैंड। सो, इफ आई डोंट टेक आउट टाइम, देन हाउ विल आई गेट अवेयर ऑफ़ थिंग्स, एंड हाउ विल आई नो दैट दीज़ आर द एक्शन रिक्वायर्ड फॉर लिबरेटिव, लविंग, करेजस, एन्डेवर्स।
आचार्य प्रशांत: सी, वी डोंट टेक आउट टाइम टू कंटेम्प्लेट, वी टेक आउट टाइम टू कंपेन्सेट।
आप कह रहे हैं न, “इफ आई डोंट टेक आउट टाइम, हाउ विल आई कंटेम्प्लेट?” हू कंटेम्प्लेट्स ऑन अ वीकेंड? नोबडी। वी कंपेन्सेट फॉर द वीक। पूरे वीक में हमारे साथ जो भयानक अत्याचार हुआ होता है, जिसके बदले में पैसा मिलता है, उसका दो दिन कंपेनसेशन कराया जाता है। इसलिए तो वीकेंड होता है। वीकेंड न हो तो आप मंडे रिज़ाइन कर दोगे। दो दिन दिया ही इसीलिए जाता है कि अब पट्ठा अपने ज़ख़्म वग़ैरह चाट करके, थोड़ा-सा रिकवर करके, हील




