जंगल बायोडायवर्सिटी का केंद्र होते हैं। इतना तो हम समझते हैं। आप जब जंगल काटोगे तो वहां जो जिस दिशा में भाग सकता है भागेगा, ये भी समझते हो। ज्यादातर कहीं कोई भागेंगे बचेंगे नहीं। अब हिरण कहां को जाके बचेगा? वो मरेगा। हाथी कहां जाएगा? मरेगा। पर जंगल में कुछ ऐसे हैं जो नहीं मरेंगे बल्कि वो खुश हो जाएंगे कि जंगल कट गया। वो कौन है जानते हो? वो वायरस हैं। आप जंगल काटोगे पेड़ नहीं रहा तो उनको नया होस्ट मिल गया। कौन? जंगल काटने वाला। वो पहले पेड़ में रहता था या कहीं और रहता था वो आप में रहेगा।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी। आईपीसीसी की सिंथेसिस रिपोर्ट आई है। और रिपोर्ट यह कहती है कि 2030 तक जो वैश्विक ग्रीन हाउस गैस है उसको 50% तक कम कर देना है और 2050 तक 100% कम कर देना है। तो चिंता जो भारत की एक है कि भारत जो अपना एनडीसी है यह तो 2017 तक किया है कि हमको मतलब 100% शून्य करना है और 2050 तक इसको 50% कम करना है। तो अभी एशिया की जो सबसे ह्यूज पॉपुलेशन है वो है भारत की और चाइना की, प्लस जो 3 अरब के मतलब वो है और 28% पूरे ग्लोब पे इनका मतलब अधिकार है। तो यह जो आईपीसीसी की जो रिपोर्ट है यह तो मतलब सबको जानना चाहिए।
आचार्य प्रशांत: जानना तो चाहिए पर आप समझ रहे हो ना?
तो आंकड़े आपस में मेल ही नहीं खा रहे।
प्रश्नकर्ता: तो सर मेरी चिंता ये है कि आईपीसीसी से कहती है कि 2050 तक आपको शून्य कर देना है।




