गर्लफ्रेंड मेरा धर्म-परिवर्तन कराना चाहती है, क्या करूँ? || आचार्य प्रशांत (2019)

प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी, मेरी गर्लफ्रेंड (प्रेमिका) क्रिस्चियन (ईसाई) हैं, काफ़ी समय से मैं उसे आपसे मिलवाना चाहता हूँ पर असमर्थ हो रहा हूँ। मैं उसके साथ बाइबिल भी पढ़ता हूँ और समझाने की कोशिश कर रहा हूँ कि आपकी शिक्षाएँ हूबहू भगवान क्राइस्ट (ईसा मसीह) से मिलती हैं, पर वह फिर भी इसे स्वीकार नहीं कर पा रहीं। हम चार साल से रिश्ते में हैं। मेरे शुरुआती समय में उसने मेरी काफ़ी मदद की है। हालाँकि अब हमारे बीच कोई घनिष्ठ सम्बन्ध नहीं है, पर फिर भी मैं कर्तव्यवश उसके साथ हूँ। आचार्य जी, न तो मैं उसे आपके पास ला पा रहा हूँ, न उसे छोड़ पा रहा हूँ। कृपया मार्गदर्शन करें।
आचार्य प्रशांत: तुम कह रहे हो, तुम्हारी गर्लफ्रेंड क्रिस्चियन हैं, तुम उसके साथ बैठकर बाइबिल पढ़ते हो। वो भी तुम्हारे साथ बैठकर उपनिषद् पढ़ती हैं क्या? ज़ोर से बोलो न, हाँ?
प्र: नहीं पढ़ती।
आचार्य: नहीं। तो फिर ये जो तुम बाइबिल का पाठ कर रहे हो, ये धर्म नहीं अधर्म हो गया। यहाँ बैठे लोग और मुझे सुनने वाले ये अच्छी तरह जानते हैं कि मैं किसी भी संगठित धर्म का पैरोकार नहीं हूँ, कि मैं जीजस और वेदान्त को अलग-अलग नहीं देखता हूँ। लेकिन इस कहानी में जो चल रहा है वो बात धार्मिकता की है ही नहीं, वो बात तो व्यक्तिगत जिद की है।
जो वास्तव में जीजस की शिक्षाओं को समझता होगा वो वेदान्त से इनकार कैसे कर देगा, मुझे बताओ। और अगर कोई ऐसा है जो कहे कि उसको जीजस से प्यार है, पर वेदान्त नहीं पढ़ना, वो तो ऐसा ही है न, जो जीजस को भी न जानता, न समझता, जिसे ईसा से भी कोई प्यार है नहीं। तो मैं यहाँ बात बराबरी की नहीं कर रहा हूँ, मैं यहाँ बात लेन-देन की और व्यापार की नहीं कर रहा हूँ, कि मैं हिन्दू हूँ, तू ईसाई है, मैं तेरी बाइबिल पढ़ूँगा, तू मेरा उपनिषद् पढ़; मैं वो बात नहीं कर रहा हूँ, कृपया मुझे गलत न समझें। मैं कह रहा हूँ कि अगर धार्मिकता सच्ची है, तो वो एक ग्रन्थ और दूसरे में भेद कैसे कर ले रही है, ये बताओ।






